जीएसटी के बाद भिवंडी की पावरलूम इंडस्ट्री बेहाल!

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मुंबई:एजेंसी।महाराष्ट्र में भिवंडी की पावरलूम इंडस्ट्री एक जुलाई से पहले टैक्स के दायरे से बाहर थी। लेकिन जीएसटी के बाद स्थिति बदल गई है। जीएसटी के टैक्स और रिफंड सिस्टम ने यहां की पावरलूम इंडस्ट्री पर गहरा असर डाला है।
मुनिर मोमिन कॉटन फैब्रिक लूम के मालिक हैं और बिना बिके फैब्रिक का हिसाब लगा रहे हैं। तीन महीने से फैब्रिक की डिमांड ना के बराबर है। ऊपर से वर्किंग कैपिटल की कमी ने 48 पावरलूम चलाने वाले मोमिन को प्रोडक्शन में 60 फीसदी से ज्यादा कटौती करने पर मजबूर कर दिया है।
पावरलूम के अंदर काम कर रहे लोगों में चिंता बढ़ रही है। छोटे बुनकर और लूम मालिकों के मुताबिक कॉम्प्लायंस और रिवर्स टैक्स स्ट्रक्चर के चलते प्रोडक्शन की लागत बढ़ गई है। इसकी वजह से भिवंडी प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रहा है। इस पूरी कवायद में सबसे ज्यादा नुकसान छोटे बुनकरों को झेलना पड़ रहा है।
प्रोडक्शन में कटौती हो रही है और लोगों की नौकरी जा रही है। यहां काम करने वाले ज्यादातर लोग यूपी और बिहार से हैं। और इनमें से करीब 40 फीसदी लोग अपने घर वापस जा चुके हैं।

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